(जहांगीर राजू रुद्रपुर से)
तराई में सफेद नशे का काला कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। जिसके चलते स्मैक के नशे में तराई की जवानी धुंआ हो रही है। यहां के युवा अफीम, स्मैक व हेरोइन के नशे के शिकंजे में फंसते जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि तराई में औद्योगिकरण बढऩे के साथ ही यहां चरस, अफीम स्मैक व हेरोइन का काला कारोबार भी अचानक बढ़ा है। ऊधमसिंह नगर जिले के नेपाल व उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े रहने के कारण यहां बड़े पैमाने पर तस्कर सक्रिय हैं। यह तस्कर नेपाल व यूपी से स्मैक व हेरोइन लाकर तराई के युवाओं को नशे का शिकार बना रहे हैं। स्थिति यह है कि स्मैक व हेरोइन की तस्करी के चलते तराई में बढ़े पैमाने पर युवा सफेद नशे के आदि हो रहे है।
पुलिस के आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो वर्ष 2009 में 51 लोगों को स्मैक, अफीम, हेरोइन व चरस की तस्करी करते पकड़ा गया। जिसमें 23 जनवरी 2009 को पंतनगर पुलिस ने बागपत उत्तर प्रदेश निवासी अरविलंद तोमर को 80 ग्राम हेरोइन के साथ गिरतार किया था। 26 जनवलरी को पंतनगर पुलिस ने सिडकुल तिराहे के नेवाबगंज बरेली निवासी नेम चन्द्र से 7.5 लाख रुपये की हेरोइन बरामद की थी। 2 फरवरी को खटीमा पुलिस ने देवरी निवासी कृष्ण सिंह को 450 ग्राम चरस के साथ गिरतार किया था। 17 फरवरी को महेन्द्र नगर कंजनपुर नेपाल निवासी राजेन्द्र अवस्थी को नशे के ब्यूरोकीन के 700 इनजैक्शन बरामद किए थे। 19 मार्च करतारपुर चौराहे के पास से पुलिस ने बगवाड़ा निवासी बलजीत सिंह को 37 पुडिय़ा अफीम के साथ गिरतार किया था। 21 अप्रैल को आवास निवास रुद्रपुर से पुलिस ने शिवपुरी बरेली निवासी लक्ष्मण सिंह को 18 पुडिय़ा स्मैक के साथ गिरतार किया था।
2 मई को पुलिस ने मिलक रामपुर निवासी हर प्रसाद को 650 ग्राम अफीम के साथ गिरतार किया था। 9 जून को ट्रांजिट कैंप में पुलिस ने केसीघाट झारखंड निवासी दिनेश को 2 किलो 750 ग्राम अफीम के साथ गिरतार किया था। 12 अगस्त को पुलिस ने सितारगंज निवासी गुरमेज सिंह को 25 पुडिय़ा स्मैक के साथ गिरतार किया था। 13 अगस्त को हल्दुआ सितारंगज निवासी अजय कुमार को पुलिस ने 20 स्मैक की पुडिय़ा के साथ पकड़ा था। 14 सिंतबर को मलसी सितारंगज निवासी ऋषिपाल को पुलिस ने 20 पुडिय़ा स्मैक के साथ गिरतार किया था। इसी प्रकार वर्ष 2010 में अबतक पुलिस 35 लोगों को अफीम, चरस, स्मैक व हेरोइन के साथ गिरतार किया है। जिसमें 28 जनवरी काशीपुर पुलिस ने अशोक विहार निवासी सुरेश अरोरा को 26 किलो डोडा के चूरे के साथ गिरतार किया था। 10 मार्च पुलिस ने दिनेशपुर मोड़ में कृष्ण कुमार सैनी 900 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। 27 मई पुलिस ने नानकमत्ता पुलिया के पास जसपुर निवासी कुलवंत सिंह को 5 स्मैक की पुडिय़ा के साथ गिरतार किया था। 6 जुलाई को दिनेशपुर पुलिस ने झारखंड निवासी प्रदीप को एक किलो अफीम के साथ गिरतार किया था। 12 जून को हल्दूआ सितारगंज निवासी भूप किशोर को पुलिस ने 25 पुडिय़ा स्मैक के साथ गिरतार किया था। 17 जून को पुलिस ने कानपुर निवासी जयप्रकाश को 70 पुडिय़ा स्मैक के साथ पकड़ा था। 23 जून हाथीखान सितारगंज निवासी गुरमेज सिंह को पुलिस ने 15 पुडिय़ा स्मैक के साथ पकड़ा था। 1 जुलाई सिंतारगंज में पुलिस ने बहेड़ी निवासी चन्द्रपाल को 30 स्मैक की पुडिय़ा के साथ पकड़ा था। 8 जुलाई को खटीमा पुलिस ने योगेश बाल्मिकी को 400 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था।
इस प्रकार देखा जाए तो तराई में नशे का काला कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। पुलिस की ओर से मामलों में की जा रही कार्रवाई के बाद भी यह करोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।





